*डाक विभाग के पुनर्जीवन एवं पुनर्गठन पर शोध के लिए शहज़ाद अली को पीएचडी की उपाधि*

*राजस्थान में डाक विभाग की वित्तीय सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर किया शोध, नीतिगत सुधारों के दिए व्यवहारिक सुझाव*
*केकड़ी 04जुलाई (पवन राठी )*
*राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर द्वारा शोधार्थी शहज़ाद अली को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने “राजस्थान में डाक विभाग की वित्तीय सेवाओं के माध्यम से डाक विभाग का पुनर्जीवन एवं पुनर्गठन” विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह शोध कार्य डॉ. मयंक अग्रवाल के निर्देशन में संपन्न हुआ।अपने शोध में शहज़ाद अली ने राजस्थान में डाक विभाग द्वारा संचालित वित्तीय सेवाओं की वर्तमान स्थिति, उनकी कार्यप्रणाली, आमजन तक पहुंच, सेवा विस्तार की संभावनाओं तथा विभाग के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों का विस्तृत एवं तथ्यपरक अध्ययन किया है।* *शोध के दौरान यह भी विश्लेषण किया गया कि बदलते डिजिटल युग और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच डाक विभाग अपनी वित्तीय सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और जनोन्मुखी बनाकर किस प्रकार अपनी उपयोगिता को और मजबूत कर सकता है।*
*शोध में डाक विभाग के पुनर्जीवन (रिवाइवल) एवं पुनर्गठन (रीस्ट्रक्चरिंग) के लिए अनेक व्यवहारिक एवं नीतिगत सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें वित्तीय सेवाओं के आधुनिकीकरण, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाओं के विस्तार, नई तकनीकों के बेहतर उपयोग, ग्राहक सुविधा में वृद्धि तथा विभाग की कार्यकुशलता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया है।*
*शोध के निष्कर्ष डाक विभाग की भविष्य की नीतियों के निर्धारण, वित्तीय सेवाओं के विस्तार, वित्तीय समावेशन को मजबूत करने तथा विभाग की दीर्घकालीन विकास रणनीति तैयार करने में उपयोगी सिद्ध होंगे। यह शोध डाक विभाग को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सशक्त, प्रतिस्पर्धी एवं जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।शहज़ाद अली की इस शैक्षणिक उपलब्धि पर उनके शोध निर्देशक डॉ. मयंक अग्रवाल, शिक्षकों, परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।*




